याचक से शासक बना है बीसीसीआई
इंडियन प्रीमियर लीग के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल पर आरोप लगते हुए कहा है की ''बीसीसीआई ने साम दाम दंड भेद हर तरीके से आईसीएल को पैर फैलाने से पहले ही उखाड़ फेंका'' इससे साबित होता है की किस तरह आज बीसीसीआई क्रिकेट जगत की महाशक्ति बन गया है,तो आखिर किस तरह फर्श से अर्श तक पहुंचा बीसीसीआई बता रहे - राहुल कुमार यह लेख हम मोहल्ला लाइव से साभार प्रकाशित कर रहे है है-मॉडरेटर
बाबा से हम क्या सीखें?
मशहूर उपन्यासकार चेतन भगत का आज दैनिक भास्कर के संपादकीय पेज पर एक लेख प्रकाशित हुआ जिसमे उन्होंने बाबा रामदेव के आंदोलन की मजबूत एवं कमजोर पहलुओं पर बात की है,एक बार तो लगता है चेतन भगत खुद बाबा रामदेव के सलाहकार बनना चाहते है। खैर जो भी लेख आपके सामने है आप तय कीजिये की आखिर मुद्दा क्या है.. कुछ सप्ताह पहले तक बाबा रामदेव (मैं उन्हें केवल ‘बाबा’ के नाम से पुकारूंगा, क्योंकि भारतीय बाबा जगत में उनकी उपस्थिति बहुत सशक्त है) एक सर्वप्रिय व्यक्ति थे। अगर उनके हाल के दिनों के अस्थिर मिजाज पर ध्यान न दें तो वे बड़े खुशमिजाज और वाकपटु व्यक्ति हैं।
क्या उचित है नो प्रेगनेंसी कॉन्ट्रैक्ट ?
ऐश्वर्या राय बच्चन के गर्भवती होने की ख़बर से उनके और बच्चन परिवार के फ़ैन्स को बहुत ख़ुश हैं. लेकिन इस वजह से प्रोड्क्शन कंपनी यूटीवी ने फ़िल्म ‘हीरोइन’ पर फ़िलहाल काम रोकने की घोषणा की. मधुर भंडारकर के निर्देशन में बन रही इस फ़िल्म में ऐश्वर्या राय बच्चन मुख्य भूमिका निभा रही थीं. पिछले दिनों फ़िल्ममेकर रामगोपाल वर्मा ने इस बारे में सीधे-सीधे कुछ न कहते हुए हॉलीवुड में ‘नो-प्रेगनेंसी
Wednesday, March 21, 2012
कुछ अनकही बाते ? , व्यंग्य: गीता ने बर्बाद किया भारत को:ओरिसन :
Saturday, March 17, 2012
बच्चा पार्टी Slideshow Slideshow
सारांश यहाँ आगे पढ़ें के आगे यहाँ
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Wednesday, March 14, 2012
हॉकी -'हिंदी'' पीती अपमान का गरल !
हॉकी -'हिंदी'' पीती अपमान का गरल !
एक दिन हॉकी मिली ;
क्षुब्ध थी ,उसे रोष था,
नयन थे अश्रु भरे
मन में बड़ा आक्रोश था .
अपमान की व्यथा-कथा
संक्षेप में उसने कही ;
धिक्कार !भारतवासियों पर
उसने कही सब अनकही .
पहले तो मुझको बनाया
देश का सिरमौर खेल ;
फिर दिया गुमनामियों के
गर्त में मुझको धकेल .
सोने से झोली भरी
वो मेरा ही दौर था ,
ध्यानचंद से जादूगर थे
मेरा रुतबा और था .
कहकर रुकी तो कंधे पर
मैं हाथ रख बोली
सुनो अब बात मेरी
हो न यूँ दुखी भोली .
अरे क्यों रो रही है अपनी दुर्दशा पर ?
कर इसे सहन
मेरी तरह ही पीती रह
अपमान का गरल
मैं ''हिंदी'' हूँ बहन !
मैं'' हिंदी '' हूँ बहन !!
शिखा कौशिक
[हॉकी -हमारा राष्ट्रीय खेल ]
Sunday, March 11, 2012
ये वंशवाद नहीं है क्या?
ये वंशवाद नहीं है क्या?

उत्तर प्रदेश में नयी सरकार का गठन जोरों पर है .सपा ने बहुमत हासिल किया और सबकी जुबान पर एक ही नाम चढ़ गया माननीय मुख्यमंत्री पद के लिए और वह नाम है ''अखिलेश यादव''.जबकि चुनाव के दौरान अखिलेश स्वयं लगातार माननीय नेताजी शब्द का उच्चारण इस पद के लिए करते रहे जिसमे साफ साफ यही दिखाई दे रहा था कि उनका इशारा कभी अपने पिताजी तो कभी अपनी ओर है क्योंकि माननीय नेताजी तो कोई भी हो सकते हैं पिता हो या पुत्र और फिर यहाँ तो कहीं भी वंशवाद की छायामात्र भी नहीं है दोनों ही राजनीतिज्ञ हैं और दोनों ही इस पद के योग्य भी .वे इस बारे में भले ही कोई बात कहें कहने के अधिकारी भी हैं और फिर उन्हें भारतीय माता की संतान होने के कारण भारतीय मीडिया ने बोलने का हक़ भी दिया है किन्तु कहाँ है वह मीडिया जो नेहरु-गाँधी परिवार के बच्चों के राजनीति में आने पर जोर जोर से ''वंशवाद ''के खिलाफ बोलने लगता है क्या यहाँ उन्हें वंशवाद की झलक नहीं दिखती. अखिलेश को चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया और चुनावों के बाद पिता के दम पर हासिल जीत को पुत्र को समर्पित कर राजनीति में ''अपनी ढपली अपना राग''शुरू कर दिया गया.पर यहाँ कोई नहीं कहेगा कि यहाँ कुछ भी ऐसा हुआ है जिसकी आलोचना स्वयं वे ही करते रहे हैं जो आज यही कर रहे हैं.सबको उनमे युवा वर्ग का भविष्य दिख रहा है सही है चढ़ते सूरज को सलाम करने से कोई भी क्यों चूकना चाहेगा.
शालिनी कौशिक
[KAUSHAL]
Thursday, March 8, 2012
दो हॉकी को मौका !
Wednesday, March 7, 2012
Sunday, March 4, 2012
कुछ अनकही बाते ? , व्यंग्य: मेरी ब्रिज भूमि की होली
Thursday, March 1, 2012
राजस्थान हाई कोर्ट के बाहर न्याय में देरी को लेकर एक व्यक्ति के जहर खाने की घटना को गम्भीरता से नहीं लिया तो अराजकता के हालात से नहीं बच सकेंगे हम लोग
कूटनीतिक कोशिशें कामयाब
उन्होंने कहा, ‘हम यही चाहते हैं कि बच्चे अपने परिवार में शीघ्र वापस आ जाएं.’
Wednesday, February 29, 2012
ये है मिशन लन्दन ओलंपिक !
आठ साल बाद मिला है मौका .
लक्ष्य हो बस ओलंपिक पुरुष हॉकी GOLD !
भारतीय पुरुष हॉकी टीम को हार्दिक शुभकामनायें !
[यू ट्यूब पर मेरे द्वारा रचित व् स्वरबद्ध यह गीत भारतीय हॉकी टीम को प्रोत्साहित करने वाली भावनाओं से ही ओतप्रोत है .आप सुने व् सुनाएँ .स्वयं भी गायें .]
ये है मिशन लन्दन ओलंपिक
[फेसबुक पर मैंने यह पेज बनाया है आप इसे लाइक कर सकते हैं .]
YE HAI MISSION LONDON OLYMPIC !
शिखा कौशिक
मेरी कविताओं का संग्रह: दो जन्म
सारांश यहाँ आगे पढ़ें के आगे यहाँ
Tuesday, February 28, 2012
एक वोट डाल कर मैदान मार ले!
वोट डाल ले ...वोट डाल ले ..
अब के इलेक्शन में वोट डाल ले .
सबसे जरूरी ये काम जान ले ;
कर न बहाना ये बात मान ले ;
वोट डाल ले ...वोट डाल ले .
वोटिंग का दिन है ये छुट्टी नहीं
इससे बड़ी कोई ड्यूटी नहीं ;
चल बूथ पर वोटर कार्ड साथ ले ;
वोट डाल ले .....
दादा चलें संग दादी चले ;
भैया के संग संग भाभी चले
घर घर से वोटर साथ ले
वोट डाल ले .......
हमको मिला मत का अधिकार ;
चुन सकते मनचाही सरकार ;
लोकतंत्र का बढ़ हाथ थाम ले .
वोट डाल ले .......
साइकिल से जा या रिक्शा से जा ;
कार से जा या स्कूटर से जा ;
कुछ न मिले पैदल भाग ले
वोट डाल ले .......
कैसा हो M .P .....M .L .A ?
तुझको ही करना है ये निर्णय ;
एक वोट डाल कर मैदान मार ले .
वोट डाल ले .....
जय हिंद !
शिखा कौशिक
[नेता जी क्या कहते हैं ]
कुछ अनकही बाते ? , व्यंग्य: जब इस्लाम मूर्ति पूजा के विरुद्ध है तो मुसलमान काब...
Thursday, February 23, 2012
नसीहत और तरबियत
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