Sunday, December 14, 2008

हां, मैंने महिला भक्तों की ब्लू फिल्म बनाई


हां, मैंने अपनी ही कई भक्तों के साथ शारीरिक संबंध बनाए।
हां, मैंने अपने बेडरूम में हिडन कैमरे लगा रखे थे। हां, मैंने अपनी ही महिला भक्तों की ब्लू फिल्म बनाई। हां, ये सच है कि मेरी भक्तों को ये पता नहीं होता था कि मैं उनकी अश्लील फिल्म बना रहा हूं। मुझे याद नहीं मैंने कितनी महिलाओं के साथ ताल्लुकात बनाए। हां, उनमें से ज्यादातर विधवा औरतें थीं जो सांत्वना के लिए मेरे पास आती थीं।
खून बहाने के अलावा इज्जत की धज्जियाँ उड़ना भी इसका पसंदीदा खेल है!लेकिन यह खेल शायद अब थम गया है और इनके खेलों का रिजल्ट भी इनके पास आने वाला है जो मेरे ख्याल से बुरा होगा !!!


मुंबई एटीएस की मानें तो ये अल्फाज निकले एक साधु के मुंह से -साधु -जिसे आप और हम जानते हैं मालेगांव धमाकों का मास्टरमाइंड दयानंद पांडे। एटीएस को दिए अपने इकबालिया बयान में पांडे ने कुबूल किया है कि ऐसी महिलाओं की तादाद चार से पांच थी जिनसे वो लगातार संबंध बनाता रहा।
आपको ये जानकर हैरानी होगी कि एटीएस को ये सब बातें बताने के बावजूद पांडे कहता है कि उसने कभी किसी के साथ जबरदस्ती नहीं की। उसकी मानें तो उसने जिसके साथ भी संबंध बनाए, वो उसके व्यक्तित्व से आकर्षित होकर ही उसके पास आईं।
पांडे ने कुबूल किया है कि उसने अपने बेडरूम में हिडन कैमरा लगा रखा था। वो अपनी महिला भक्तों की अपने साथ अश्लील फिल्में बनाता था और उसके बाद उन्हें सीडी में कनवर्ट कर लेता था -हालांकि यहां वो ये भी कहता है कि ये ब्लू फिल्म उसके निजी इस्तेमाल के लिए होती थीं और इन्हें वो अपने दोस्तों के साथ बैठकर देखा करता था।
पांडे के लैपटॉप से कई अश्लील फिल्में मिलीं थीं। अब ये राज नहीं रहा कि वो अपने लैपटॉप को अपनी जान से ज्यादा कीमती क्यों बता रहा था। एटीएस को दिए बयान में पांडे कहता है कि उसकी महिला भक्तों की तादाद बहुत ज्यादा थी और वो सिर्फ उन्हीं महिलाओं के साथ ताल्लुकात बनाता था जो इसके लिए तैयार होती थीं। यहां वो ये भी कहता है कि उसे ये याद नहीं कि उसने कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया। जाहिर है पांडे चाहे जो कहे लेकिन ऐसा मुमकिन नहीं कि उसकी अपनी ही भक्त उससे इतनी प्रभावित हो जाएं कि उसे अपना सबकुछ सौंप दें। और ऐसे में अब जरूरत इस बात की है कि इस पहलू पर भी जांच हो।

7 comments:

  1. भोग नन्द की जय हो कुछ लोग ज्यादा भावुक हो गए हैं की एक ऐसे संत जो हिंदू उग्रवाद को बढ़ावा दे रहा था उसे किसी तरह से राजनीती का शिकार बता कर सान्तवना दी जाय डेरा साहिब वाले राम रहीम बाबा को ले या बल योगेश्वर को बड़ी लम्बी लिस्ट है इन फरेबियों की इनके हाथ में laptaap व मोबाइल की जरोरत क्या है इन सालों को सरे आम कोडे लगाने chahiye कहाँ लगाये जाए ये तो जनता ख़ुद ही जानती है

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  2. hinduo ko apmanit karne ke liye hindu ugerwad ka nam badanam kiya ga raha hi.yah to purani cagresi parmpara rahi hi ki put dalo raj karo.
    narendra kumar

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  3. atankwad ke koi jat nahi hoti, phir bhi is kass me hindu atankwad ko highlite keya gaya,mushlim atankwadio ko bhe to dekho.

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  4. Auratein khud hi jab aise baaba logon ke paas jayegi to ye baba to fayda uthaye ge hi... aap khud hi dekh lo jab ki koi baaba ka satsang hota hai to sabse jayada ladies hi jaati hai wahan, ladies ko jaagruk hone ki jaroorat hai....

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    Thank You

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  5. ऐसे पाखंडियों को तो मिर्च का धुंआ देकर तर्फाना चाहिए
    - गंगा दत्त खर्कवाल

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  6. Aap ne eek nek KAM kiya hai. Hamara Desh jab tak aise PAKANDOSE MUKT NAHI HOGA TAB TAK HAMARI SACHHI PRAGATI NAHI HOGI.
    BAHUT BAHUT DHANYAWAD

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर