Thursday, December 16, 2010

दिल की गहराई से पढो

मेरी बात
जरा
दिल की गहराई
से पढो
और एक
हकीकत को
दिल से
जान लो
ना कोई किसी से
दूर होता हे
ना कोई
किसी के
करीब होता हे
जिंदगी किसी को
किसी के
खुद ही
नजदीक ला देती हे
जब कोई
किसी के
नसीब में होता हे
कुछ लोग
मेरी तरह भी होते हें
जिन्हें कोई मिलता नही
बस अकेलापन और अकेलापन
उनका नसीब होता हे ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

कामयाबी का राज़

लोग कहते हें
कामयाबी का राज़
खुद के अंदर ही छुपा हे
कामयाब आदमी
दो चीजें
अपने साथ रखते हें
और भाई
द्विवेदी जी के आरोपित
अवसाद से
निजात रखते हें
दोस्तों
चेहरे पर मुस्कान
खामोश जुबान
बस
कामयाबी के यही
दो हथियार हें
जो सदा
आपके होंटों पर
रहना चाहिए
चेहरे की मुस्कान
समस्या का समाधान करती हे
तो होंटों की खामोशी
आपको आने वाली
मुसीबत से बचाती हे
बस अवसाद से
दूर बहुत दूर
कामयाब रहने का
यही एक
फार्मूला हे
जो हर वक्त
मेरे साथ हे ।
अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

चोर इंजीनियर का स्टिंग किया और मर गया

कोटा के एक बढ़े ठेकेदार अजय गुप्ता ने नगर विकास न्यास के एक अधिशासी अभियंता जो बिजली विभाग का काम देख रहे थे उने द्वारा काम देने और भुगताने करने के मामले में रिश्वत मांगने की बातें टेप कीं और रिश्वत देते हुए और अभियंता द्वारा रिश्वत लेते हुए वीडियों बनाई खुद के लेबटोप में उसे रिकोर्ड कर सेव किया और फिर ठेकेदार जी इस सारी जानकारी को सीडी के साथ एक लिफ़ाफ़े में रख कर भ्रस्ताचार निरोधक विभाग को भेज कर दिल्ली चले गये । ठेकेदार अजय गुप्ता दिल्ली में खुद की निजी कार से गये थे उनकी लाश संदिग्ध हालत में एक नाले में पढ़ी मिली उनका सामान गायब मिला जिसे पुलिस ने बाद में दो लोगों को गिरफ्तार कर बरामद किया नाले में पही लाश को पुलिस ने पहले हत्या माना फिर अब पुलिस उसे आत्म हत्या मान रही हे एक व्यक्ति ने खुद को मार कर क्या कभी नाले में फेंका हे ऐसा कोई द्र्स्तांत देश या इश्व के किसी भी कोने में देखने को नहीं मिला हे लेकिन दिल्ली पुलिस हे के मानती ही नहीं । पुलिस का कहना हे के ठेकेदार जी कर्जे में डूबे हुए थे उनकी दस करोड़ रूपये की इंश्योरेंस पालिसी थी इसलियें घरवालों को मरने के बाद इंश्योरेंस की राशी दिलाने के लियें ठेकेदार जी ने आत्म हत्या की हे अब जब ठेकेदार जी की शिकायत भ्रस्ताचार निरोधक विभाग तक पहुंची हे तो जान्च का बिंदु वापस से हत्या की तरफ मूढ़ गया हे सब जानते हें के एक ठेकेदार जब इंजीनियर को रिश्वत देकर फिल्म बना रहा हे तो वोह आत्म हत्या क्यूँ करेगा और वोह भी खुद आत्म हत्या करके खुद की लाश नाले में केसे गिराएगा लेकिन दिल्ली पुलिस और इंश्योरेंस के इन्वेस्टिगेटर हें के कुछ भी कह देते हें कुछ भी लिख लेते हें । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

मोहर्रम के बारे में अनमोल जानकारियाँ

दोस्तों यह तो सब को पता हे के मोहर्रम मुसलमानों के लियें नये साल का पहला महीना हे और इस महीने में इस्लाम की सुरक्षा के लियें दुःख तकलीफ में रहने के बाद भी तडपा तडपा कर मारने के बाद भी शहीद लोग इस्लाम की राह से डिगे नहीं थे इसलियें इस महीने की अहमियत और बढ़ गयी हे इस माह में हलीम यानि सभी अनाजों को यानि दल,चांवल,गेंहू वगेरा को मिलाकर एक विशेष डिश बनाई जाती हे और फिर भूखों को खाना प्यासों को पानी दे कर सेवा की जाती हे ।
मोहर्रम की दस तारीख को योमे अशुरा भी कहते हें मुसलमान इसी दिन को इस्लाम के इतिहास का अहम दिन मानते हें इस दिन आदम अलेहस्सलाम की तोबा कुबूल की गयी थी इसी दिन हजरत युनुस अलेहस्स्लाम को मछली के पेट से नुजात मिली थी , इसी दिन हजरत इब्राहिम अलेह्स्स्लाम पैदा हुए ,और इसी दिन हजरत मूसा अलेहस्स्लाम और उनकी कोम को फिरोन से छुटकारा मिला ,हजरत दाउद अलेहस्स्लाम की तोबा कुबूल हुई हजरत युसूफ अलेह अस्सलाम कुए से निकले गये याकूब अलेहस्स्लाम की आँखों की रौशनी लोटी इसी दिन हजरत इसाह अलेहस्स्लाम की पैदाइश हुई और इसी दिन हजरत इमाम हुसैन और उनके रुफ्का ने मैदाने कर्बला में जामे शहादत पी कर इस्लाम को जिंदा कर दिया उनके पास एक तो अधीनता का विकल्प था और दुसरा शहादत का विकल्प था लेकिन उन्होंने शहादत को ही चुना । आम मुसलमान इस दिन रोजा रखते हें और इस रोज़े का बहुत बढ़ा सवाब माना जाता हे इस दिन मरीजों की तीमारदारी,यतीमों की खिदमत,और सेवा भाव से इबादत करना चाहिए , कहते हें इसी दिन कयामत नाजिल होगी और जिस मुसलमान का रोजा होगा उसे जन्नत नसीब होगी । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान